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west-bengalविधानसभा चुनाव 2021

292/292 सीटे (147 बहुमत के लिए)

संधि TMCBJPLEFT+OTH
जीते
+
आगे
2147611
+/- 2015

292/292 सीटे

(147 बहुमत के लिए)

tamil-naduविधानसभा चुनाव 2021

234/234 सीटे (118 बहुमत के लिए)

संधि DMK+AIADMK+MNM+AMMK+OTH
जीते
+
आगे
15975000
+/- 2015

234/234 सीटे

(118 बहुमत के लिए)

keralaविधानसभा चुनाव 2021

140/140 सीटे (71 बहुमत के लिए)

संधि LDFUDFBJP+OTH
जीते
+
आगे
994100
+/- 2015

140/140 सीटे

(71 बहुमत के लिए)

assamविधानसभा चुनाव 2021

126/126 सीटे (64 बहुमत के लिए)

संधि BJP+INC+OTH
जीते
+
आगे
75501
+/- 2015

126/126 सीटे

(64 बहुमत के लिए)

puducherryविधानसभा चुनाव 2021

30/30 सीटे (16 बहुमत के लिए)

संधि BJP+INC+OTH
जीते
+
आगे
1695
+/- 2015

30/30 सीटे

(16 बहुमत के लिए)

हरियाणा में मौसम : 11 और 12 मार्च को गरज-चमक के साथ बारिश के आसार, तापमान में आ सकती है 5 डिग्री तक गिरावट

Weather in Haryana: रविवार को अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री दर्ज किया गया.

हरियाणा में एक बार फिर बदल सकता है मौसम का मिजाज (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

चंडीगढ़. हरियाणा में एक बार फिर से मौसम का मिजाज बदल सकता है. पाकिस्तान से जम्मू एंड कश्मीर की तरफ से आ रहे एक और पश्चिमी विक्षोभ के कारण 10 मार्च से मौसम में बदलाव (Change in weather) आ जाएगा. जिसके चलते 11 और 12 मार्च को गरज और तेज हवाओं संग बारिश के आसार (Chance of rain) बन रहे हैं. इस कारण दिन के तापमान में 5 डिग्री तक गिरावट आ सकती है.


मौसम विभाग के अनुसार हरियाणा में सोमवार और मंगलवार को मौसम साफ रहेगा. 10 मार्च से ही पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखना शुरू हो जाएगा. इस पश्चिमी विक्षोभ का असर मैदानी इलाकों में अधिक होने की उम्मीद है. इस कारण 11 और 12 मार्च को तेज हवाओं और गरज-चमक संग बारिश के आसार बन रहे हैं.


वहीं, अरब सागर से मिल रही नमी के कारण सुबह और शाम को धुंध छा सकती है. मार्च के शुरू से मौसम में लगातार बदलाव आ रहे हैं. रविवार सुबह आसमान साफ रहा. दोपहर को आंशिक रूप से बादल छा गए. अरब सागर की ओर से आ रही नमी के कारण उमस महसूस की गई. रविवार को अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री दर्ज किया गया.


ओलावृष्टि हुई तो किसानों को होगा नुकसान


कृषि एवं कल्याण विभाग के डिप्टी डायरेक्टर आदित्य प्रताप डबास ने कहा कि इस समय मौसम की परिस्थितियां बदल रही हैं, यदि बरसात के साथ ओलावृष्टि हुई तो फसल को व्यापक नुकसान हो सकता है, क्योंकि अब गेहूं की फसल मैच्योर हो रही है. जिले में इस बार एक लाख 72 हजार हैक्टेयर में गेहूं की बुआई की गई है.

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